कविता लिखी नहीं जाती,स्वतः लिख जाती है…

Sunday 29 January 2012

आजादी के देवता तुझको प्रणाम है.

राष्ट्रभक्त महात्मा चन्द्रशेखर आजाद का नाम पर्यायवाची है उदारता का,देशप्रेम का,निडरता का,ब्रम्हचर्य का,सदाचार का,समर्पण का,स्वतंत्रता का,सहनशीलता का,साहस का,स्वाभिमान का…
चन्द्रशेखर आजाद की 105वीं जयन्ती थी,इस उपलक्ष पर हमे बरबस ही नजीर बनारसी याद आते हैं-

शहीद जंग में जो होते हैं वतन के लिए
वतन की ख़ाक बहुत है उन्हें कफ़न के लिए
या हिंदू या सिक्ख या मुसलमान या ईसाई क्या
चमन तो सिर्फ़ उनका है जो खून दें चमन के लिए

आजादी के उस देवता चंद्रशेखर आजाद को मेरा कोटिशः नमन…
जुलाई 25, 2011

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