कविता लिखी नहीं जाती,स्वतः लिख जाती है…

Tuesday 16 August 2011

हमारी शान भारत

हम हैं इसकी जान हमारी
जान है भारत
हम हैं इसकी ही अमानत
चाँद है भारत
संग मिलकर रहने की
परिभाषा है भारत
माफ करने की अदा का
रूप है भारत
सारे मौसम यहाँ ही बसते
क्या खूब है भारत
हमको ही तो है मिला
प्यारा ये भारत
आओ मिलकर सारे गाएँ
न्यारा है भारत
रखना ध्यान सदा हमारी
आन है भारत
हम हैं इसकी जान हमारी
जान है भारत…

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